April 30, 2026

चाफ कटर व आधुनिक तकनीक से बढ़ा दुग्ध उत्पादन, आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार

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00 कृषि विभाग की योजना से किसान गंगाराम की बदली तस्वीर
रायपुर। कृषि विभाग की योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ लेकर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कृषक श्री गंगाराम ने खेती और पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। जिले के ग्राम जीराटोला के किसान श्री गंगाराम के पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और पशुपालन भी उनकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। वर्तमान में उनके पास 15 गाय और 2 भैंस हैं, जिनके माध्यम से वे दूध उत्पादन कर परिवार की आजीविका चलाते हैं।

कृषि विभाग की योजना से किसान गंगाराम की बदली तस्वीरपहले पशुओं के लिए पर्याप्त और पौष्टिक चारे की व्यवस्था नहीं हो पाती थी। पशुओं को मुख्य रूप से पैरा, भूसी जैसे पारंपरिक चारे पर ही निर्भर रहना पड़ता था, जिससे दूध उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहता था और पशुपालन से आय भी सीमित थी। इसी बीच वर्ष 2024-25 में कृषक ने कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रमों में भाग लिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें खेती और पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, उन्नत चारा प्रबंधन तथा उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न उपायों की जानकारी प्राप्त हुई।
कृषि विभाग की रैनफेड एरिया डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत उन्हें चाफ कटर मशीन उपलब्ध कराई गई। इस मशीन के माध्यम से उन्होंने अपने खेत में हरा चारा उगाना शुरू किया और उसे चाफ कटर से काटकर पशुओं को खिलाना प्रारंभ किया। हरे चारे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खिलाने से पशुओं को संतुलित और पौष्टिक आहार मिलने लगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और दुग्ध उत्पादन में भी स्पष्ट वृद्धि देखने को मिली।
इसके साथ ही कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नई कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन, उन्नत बीजों के उपयोग और कृषि कार्यों के बेहतर तरीकों की जानकारी दी गई। इन तकनीकों को अपनाने से फसलों का उत्पादन बढ़ा और खेती अधिक लाभकारी बनने लगी। खेती और पशुपालन दोनों क्षेत्रों में सुधार होने से कृषक की आय में वृद्धि हुई और उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
कृषक का कहना है कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और योजनाओं का लाभ मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती और पशुपालन को बेहतर ढंग से संचालित कर रहे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अन्य किसानों से भी विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।