महाराष्ट्र मंडल का गीत ‘धन्य धन्य धन्य आहे हा आपला संस्थान’ रिलीज
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*91 साल के गौरवशाली इतिहास में पहली बार जारी सुरबद्ध अधिकृत गान को मंडल के आयोजनों में बजाना होगा अनिवार्य*
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने अपने 91 साल के गौरवशाली इतिहास में पहली बार मंडल गान ‘धन्य धन्य धन्य आहे हा आपला संस्थान’ को रिलीज किया। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि मंडल के वरिष्ठ सदस्य विवेक रहाटगांवकर द्वारा लिखित इस गीत को आज सुप्रसिद्ध गायिका साधना राहटगांवकर ने संगीतबद्ध और स्वरबद्ध किया है। अब महाराष्ट्र मंडल के सभी आयोजनों की शुरुआत अनिवार्य रूप से इस गीत से होगी।
गीतकार विवेक रहाटगांवकर ने बताया कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस गीत के लेखन के माध्यम से महाराष्ट्र मंडल की सेवा का अवसर मिला। यह उनके और पूरे परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। लगभग साढ़े चार मिनट के इस गीत को मराठी में लिखा और संगीतबद्ध किया गया है।
विवेक के अनुसार इसमें मंडल के सभी प्रकल्पों का उल्लेख है। वहीं महाराष्ट्र की संस्कृति को छत्तीसगढ़ में आत्मसात करने की बात है। गीत में हमारे पूर्वजों की मंशा, मेहनत और संकल्प का स्मरण भी किया गया है। इसमें नई पीढ़ी के लिए समाजसेवा सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश है। विवेक ने बताया कि गीत को संगीतबद्ध करने के लिए भिलाई के कलाकारों की टीम यहां आई थी। इसमें यश यदु ने कीपेड, आशुतोष लांजेवार ने गिटार, मनोज नायक ने पेड और राजेश कुमार ने समुद्र ढोलक पर संगत दिया। आज इस गीत की लांचिंग के साथ रिकार्डिग भी की गई।
राम कथा स्थल यानी छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में महाराष्ट्र मंडल के इस गीत को पहली बार सुनने के बाद सभासदों ने इसकी खूब तारीफ की। गाने में महाराष्ट्र मंडल का पूरी समग्रता के साथ वर्णन करने से लेकर सुर व संगीत ने भी सभी को प्रभावित किया। बड़ी बात यह रही पुणे से पधारे कथावाचक रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने भी मंडल के गाने का उल्लेखन अपने प्रवचन में किया और काफी प्रशंसा की।
