April 25, 2026

यूजीसी के नए विनियम 2026 पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

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नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए विनियम 2026 पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश  सूर्यकांत ने अंतरिम रोक लगाते हुए स्पष्ट रुप से कहा कि यूजीसी के 2012 वाले विनियम ही लागू रहेंगे। साथ ही न्यायालय ने कहा कि 2019 से लंबित याचिका के साथ सभी नई याचिकाओं को जोड़ते हुए कोर्ट ने 19 मार्च तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल UGC के 2012 वाले विनियम ही लागू रहेंगे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यदि नए नियमों में हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो इसके खतरनाक और विभाजनकारी परिणाम हो सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए निवारण व्यवस्था बनी रहनी चाहिए और याचिकाकर्ताओं को न्याय से वंचित नहीं छोड़ा जा सकता।

सुनवाई के दौरान अदालत ने जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा, उसके दायरे और संवैधानिकता पर गंभीर सवाल उठाए। पीठ ने आशंका जताई कि नए नियम हॉस्टलों और शैक्षणिक परिसरों में अलगाव की भावना पैदा कर सकते हैं। इसी बीच, 2019 से लंबित याचिका के साथ सभी नई याचिकाओं को जोड़ते हुए कोर्ट ने 19 मार्च तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने कहा कि नए यूजीसी नियम छात्रावासों में रह रहे छात्रों के बीच दरार पैदा कर सकते हैं और एक साथ रहने वाले छात्रों में अलगाव और अविश्वास की भावना बढ़ा सकते हैं।जस्टिस जोयमाल्या बागची ने टिप्पणी की कि जब समाज को अधिक समावेशी और निष्पक्ष बनाने की जरूरत है, तब कानून में प्रतिगामी सोच क्यों लाई जा रही है।वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने बताया कि 2012 के नियमों को लेकर 2019 से एक याचिका लंबित है, इसके बावजूद 2026 के नए नियम लागू कर दिए गए, जो उचित नहीं है।