May 5, 2026

छत्तीसगढ़ में ई–लाइवस्टॉक इंटीग्रेटेड सैंपल सर्वे एप प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदघाटन, पशुधन आंकड़ों के वैज्ञानिक संकलन पर जोर

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रायपुर।  राजीव गांधी राष्ट्रीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा ई–लाइवस्टॉक इंटीग्रेटेड सैंपल सर्वे (Electronic Livestock Integrated Sample Survey – e-LISS) एप्लिकेशन पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने किया।

इस अवसर पर केंद्रीय पशुपालन विभाग के सांख्यिकी सलाहकार श्री जगत हजारिका के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों – छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के राज्य और जिला स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि सटीक और विश्वसनीय पशुधन आंकड़े राज्य एवं केंद्र सरकार की नीति निर्माण प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक आधार पर आंकड़ों के संकलन और उनके प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।

केंद्रीय सांख्यिकी सलाहकार श्री जगत हजारिका ने बताया कि ग्राम स्तर पर किए जाने वाले एकीकृत न्यादर्श सर्वेक्षण (Integrated Sample Survey) से प्राप्त आंकड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिपोर्टिंग में उपयोगी होते हैं। आईएएसआरआई (भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान) की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्राची मिश्रा साहू ने जानकारी दी कि देशभर में ई–लाइवस्टॉक एप्लिकेशन के माध्यम से पशुधन सर्वेक्षण से जुड़े सभी आंकड़ों को डिजिटाइज किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण और विश्लेषण की प्रक्रिया और अधिक सटीक तथा पारदर्शी बनेगी।

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों को ई–लाइवस्टॉक एप्लिकेशन के प्रभावी उपयोग हेतु प्रशिक्षित करना और पशुधन आंकड़ों के वैज्ञानिक संकलन को सुदृढ़ बनाना है।