May 1, 2026

जंगल सफारी की बाघिन बिजली गई जामनगर वन्तरा अस्पताल

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00 किडनी और गर्भाशय की इन्फेक्शन से रही जूझ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार हो रहा है की एक बाघिन की जान बचाने के लिए स्पेशल बोगी का इंतजाम किया गया है। जंगल सफारी में रह रही बाघिन बिजली को आज जामनगर वन्तरा अस्पताल भेजा जा रहा है। बिजली किडनी और गर्भाशय की इन्फेक्शन से जूझ रही है। बतादें कि बिजली का जन्म नंदनवन में हुआ था।
विभाग का दावा है कि पिछले 10 दिनों से देश भर के डॉक्टर इसका इलाज रायपुर जंगल सफारी में ही कर रहे थे, लेकिन बेहतर इलाज के लिए इसे वंतरा भेजने का फैसला किया गया है। यह अस्पताल अंबानी फाउंडेशन से संचालित वन्य जीवों के बेहतरीन इलाज के लिए जाना जाता है। बिजली को आज दोपहर रायपुर से अहमदाबाद ट्रेन से रवाना किया गया। इसके लिए वन विभाग ने स्पेशल बोगी का इंतजाम किया है। बिजली के साथ साथ वन विभाग की टीम भी भेजी गई है।
2023 में उसने चार शासको को जन्म दिया था। इसी साल अगस्त महीने में उसे लूज मोशन की समस्या हुई। बाद में खून की जांच में और अल्ट्रासाउंड में उसे किडनी इन्फेक्शन पाया गया। इसके बाद जी जेड आर आर सी वंतरा जामनगर की एक पशु विशेषज्ञ चिकित्सा टीम बेहतर जांच के लिए रायपुर आई। पिछले 10 दिनों से यह टीम जंगल सफारी में बाघिन बिजली का इलाज कर रही थी लेकिन फिर सिटी स्कैन से पता चला कि उसके गर्भाशय में संक्रमण है। तब इसके इलाज के लिए वंतरा भेजना का फैसला किया गया।
इसके लिए वन मंत्री केदार कश्यप ने विशेष प्रयास किया और केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण से महज 24 घंटे के भीतर अनुमति प्राप्त कर ली गई। इसके बाद रेलवे से कोऑर्डिनेटर किया गया और बाघिन बिजली को ले जाने के लिए स्पेशल भोगी की व्यवस्था की गई।