May 15, 2026

14 सितंबर को मनाया जायेगा तृतीय वैश्विक योग निद्रा उत्सव

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0- होटल सेलिब्रेशन के बेंक्वेट हाल में सुबह 11 बजे होगा आयोजन
रायपुर। परम पूज्या आनन्दमूर्ति गुरु माँ के मार्गदर्शन में योग निद्रा का तीसरा वैश्विक उत्सव इस वर्ष 14 सितम्बर, रविवार को विश्वभर में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी यह उत्सव फाफाडीह चौक स्थित होटल सेलिब्रेशन के बेंक्वेट हाल में इसी दिन सुबह 11 बजे मनाया जायेगा। काफी बड़ी संख्या में एक ही दिन, एक ही समय पर योग निद्रा उत्सव में शामिल होना अद्भुत अनुभव देगा। विश्राम, गहन शिथिलता और भीतर छिपी शांति का अनुभव करने का यह अलौलिक क्षण होगा, केवल उत्सव मात्र नहीं है बल्कि बल्कि पूज्या आनंदमूर्ति गुरु माँ द्वारा प्रेरित आंतरिक जागरण का एक आंदोलन है। इसमें शामिल होने के लिए पूर्व रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है जो स्थल पर उस दिन एक घंटे पहले तक होगा और चाहें तो www.gurumaa.com पर आनलाइन भी करा सकते हैं।
ऋषि चैतन्य आश्रम के स्थानीय प्रतिनिधियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह उत्सव अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्किभारत के साथ-साथ विश्व के अनेक देशों जैसे- ब्रिटेन, अमेरिका, केनेडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, दुबई आदि के 50+ शहरों में मनाया जा रहा है। हजारों लोग एक ही दिन, एक ही समय पर, पूज्या गुरुमाँ के मार्गदर्शन में योग निद्रा के अभ्यास का अनुभव करेंगे।
योग निद्रा, जिसे प्राय:यौगिक निद्रा कहा जाता है, एक प्राचीन अभ्यास है जिसमें पूर्ण शिथिलता के साथ सजग रहने के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है। पूज्या आनंदमूर्ति गुरुमाँ ने इसे आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्जीवित किया है और सभी के लिए सुलभ बनाया है। यह अभ्यास शरीर को गहन विश्राम, मन को शांति एवं स्पष्टता और भावनाओं को संतुलन प्रदान करता है। तनाव, अवसाद और चिंता को कम करने में यह अत्यंत प्रभावकारी है। यह अभ्यास आंतरिक जागरूकता तथा समग्र व्यक्तित्व कल्याण को भी बढ़ाता है।
योग निद्रा के प्रभाव को वैज्ञानिकों ने भी प्रमाणित किया है। आईसीएमआर, हैदराबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशनमें सात चिकित्सकों की टीम द्वारा, ऋषि चैतन्य ट्रस्ट के सहयोग से किए गए पायलट अध्ययन में पाया गया कि नियमित योग निद्रा के अभ्यास से रक्तचाप नियंत्रित होता है, स्मरण शक्ति तीक्ष्ण होती है,मानसिक स्वास्थ्य सुधरता है और कॉर्टिसोलवट्राईग्लिसराइड्स जैसे हानिकारक तत्वों का स्तर कम होता है।
पिछले दो वर्षों से योग निद्रा पूरे भारत में राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जा रही थी। सन् 2024 में यह उत्सव वैश्विक स्तर पर प्रसारित हो गया, जिसमें विश्वभर के लोग शामिल हुए। यह योग निद्रा की बढ़ती लोकप्रियता और इसकी रूपांतरकारी शक्ति का प्रमाण है।