निःशुल्क महाकाल यात्रा 10 सितम्बर को द्वारका रवाना होगी

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राजनांदगांव। संस्कारधानी से निकलने वाली निःशुल्क महाकाल ज्योतिर्लिंग दर्शन यात्रा इस वर्ष भी बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित हो रही है। इस यात्रा की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं यह यात्रा 10 सितम्बर, बुधवार को सोमनाथ और द्वारका नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना होगी। इस बार यात्रा में 371 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। यह जानकारी यात्रा प्रमुख पवन डागा और नीलू शर्मा ने दी।

उन्होंने बताया कि पिछले 3 वर्षों से लगातार लगभग 300 श्रद्धालु हर वर्ष दर्शन हेतु जाते रहे हैं, किंतु इस बार संख्या और अधिक हो गई है। यह बढ़ती आस्था और विश्वास का प्रमाण है। श्रद्धालुओं का जत्था शालीमार–ओखा साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 22906) से द्वारका के लिए प्रस्थान करेगा। वापसी यात्रा ओखा–शालीमार साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 22905) से होगी।

यह पूरी तरह निःशुल्क यात्रा है। इसके आयोजक महाकाल सेना एवं महाकाल मंदिर सिंघौला हैं। समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं को यात्रा, भोजन, पानी व ठहराव की पूरी व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।यह यात्रा लगातार 20 वर्षों से जारी है। शुरुआती वर्षों में इसमें कम श्रद्धालु शामिल होते थे, लेकिन अब यह यात्रा एक धार्मिक परंपरा और सामूहिक उत्सव का रूप ले चुकी है।

इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सभी धर्म, जाति और समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालु एक साथ दर्शन हेतु निकलते हैं। इससे सामाजिक सद्भाव, प्रेम और भाईचारे का संदेश पूरे क्षेत्र में फैलता है।

यात्रा समिति ने बताया कि विगत तीन माह से इस यात्रा की तैयारी की जा रही है। महाकाल सेवक स्वयं द्वारका, नागेश्वर और सोमनाथ जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी एकत्र कर चुके हैं।उद्देश्य यह है कि किसी भी यात्री को यात्रा के दौरान भोजन, ठहराव, दर्शन या अन्य किसी सुविधा में कोई असुविधा न हो।

यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंध। समिति ने जानकारी दी कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। भोजन व पेयजल की स्वच्छ व्यवस्था, ठहरने के लिए सुरक्षित स्थान, चिकित्सा सुविधा में प्राथमिक उपचार सामग्री यात्रा दल के साथ उपलब्ध रहेगी। हर समूह के साथ महाकाल सेवक नियुक्त किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे।

अब तक महाकाल यात्रा समिति अयोध्या, काशी, उज्जैन, ओंकारेश्वर, सीहोर जैसे पवित्र स्थलों की यात्राएँ करवा चुकी है। समिति ने बताया कि आने वाले वर्षों में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने की योजना बनाई गई है। यह अभियान धीरे-धीरे पूरे भारत के श्रद्धालुओं को जोड़ने वाला आंदोलन बनता जा रहा है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी लक्ष्मण लोहिया ने दी।

*यात्रा कार्यक्रम*

10 सितम्बर (बुधवार): राजनांदगांव से शालीमार–ओखा साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22906) द्वारा द्वारका प्रस्थान।

11 सितम्बर (गुरुवार): द्वारका धाम के दर्शन, द्वारकाधीश मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना।

12 सितम्बर (शुक्रवार): नागेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं आसपास के तीर्थ स्थलों का दर्शन।

12 सितम्बर (शुक्रवार रात): सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन।

13 सितम्बर (शनिवार): द्वारका एवं आसपास दर्शन-भ्रमण।

14 सितम्बर (रविवार): वापसी यात्रा का शुभारंभ, ओखा–शालीमार साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22905) से।

15 सितम्बर (सोमवार): राजनांदगांव वापसी।