एसआईपी के पहले प्रोडिजी प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई अपनी  दिमागी कसरत

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*छत्तीसगढ़ ने अपनी पहली एसआईपी प्रोडिजी 2025 प्रतियोगिता की मेजबानी की *
रायपुर। एसआईपी(सोशेबल-इंट्रलेक्चर-प्रोग्रेसिव)अकादमी इंडिया मुख्य ब्रांच ने रायपुर में पहली बार शहर के एक रिसोर्ट में छत्तीसगढ रीजनल एसआईपी प्रोडिजी 2025 प्रतियोगिता का  सफल आयोजन किया। इस आयोजन में छत्तीसगढ के 20 सेंटर से 6 से 15 वर्ष के 1000 बच्चों ने शिरकत की ।बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिये अलग-अलग कैटगरी और प्रतिस्पर्धा मे स्मृति चिह्न भी पुरस्कार स्वरूप उन्हें मंच पर आमंत्रित कर प्रदान किये गये।इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया ।

छत्तीसगढ़ में पहली बार एसआईपी  प्रोडिजी 2025 के इस आयोजन शामिल छात्रों और उनके अभिभावकों का उत्साह देखते ही बनता था। एक ओर जहां एसआईपी प्रोडिजी 2025 में शामिल बच्चों की दिमागी परीक्षा हुई तो दूसरी ओर बच्चों की सांस्कृतिक प्रतिभा ने भी जमकर तालियां बटोरी।पूरे दिनभर चले एसआईपी प्रोडिजी 2025 में बच्चों के अभिभावक भी बच्चों का उत्साह बढाते  दिखाई दिये।


यह महत्वपूर्ण आयोजन कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की राज्य की प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। पूरे क्षेत्र से लगभग 1,000 प्रतिभाशाली   प्रतिभागी मानसिक गणित और अबेकस में अपने  कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए। इस प्रतियोगियों के मस्तिष्कों की क्षमता को चुनौती दी और उन्हें केवल 11 मिनट में 300 चुनौतीपूर्ण गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी गति, सटीकता और एकाग्रता की कड़ी परीक्षा हुई। छात्रों, अभिभावकों और प्रशिक्षकों ने एकाग्रता और कौशल के प्रभावशाली प्रदर्शन पर तालियाँ बजाकर माहौल को ऊर्जा से भर दिया। इस कार्यक्रम में सम्मानित अतिथियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुई जिन्होंने प्रतिभागियों के अनुशासन, दृढ़ संकल्प और जुनून की सराहना की। यह आयोजन केवल प्रतियोगिता से आगे बढ़कर, आजीवन सीखने और आत्म-सुधार की भावना का जश्न मनाने वाला था।


इस आयोजन पर विचार करते हुए, एसआईपी अकादमी इंडिया एंड इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक, श्री दिनेश विक्टर ने कहा: “इसमें भाग लेने वाला प्रत्येक बच्चा विजेता है। हालाँकि ट्रॉफ़ियाँ क्षणभंगुर होती हैं, लेकिन समर्पित अभ्यास से प्राप्त विकास जीवन भर बना रहता है।”
एसआईपी अकादमी इंडिया के बिजनेस हेड सनुईव मेनन ने कहा कि एसआईपी(सोशेबल-इंट्रलेक्चर-प्रोग्रेसिव)अकादमी  का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कसौटी पर खरा उतरते सामाजिक प्रतिभाशाली और प्रगतिवान बनाना है। उन्होने कहा कि चेन्नई में 16 नवंबर को आयोजित अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय प्रोडिजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ रीजनल एसआईपी प्रोडिजी प्रतियोगिता के प्रतिभाशाली विजेता बच्चों को शिरकत करने का अवसर मिलेगा।
श्री मेनन ने बताया कि एसआईपी अकादमी की स्थापना 1997 में मलेशिया में हुई और 2003 भारत के चेन्नई में इसके मुख्यालय की शुरुआत हुई। वर्तमान में एसआईपी के 11 देशों में सेंटर संचालित हैं भारत में 23 राज्यों में  1050 यह सेंटर चल रहे हैं। छत्तीसगढ के विभिन्न शहरों में  20 सेंटर संचालित हैं जिनमें 2000 से अधिक बच्चे अर्थ मैजिक ग्यान प्राप्त कर रहे हैं।