अंबेडकर अस्पताल में 161 में से 50 मशीन खराब, 26 नई मशीनें खरीदने की प्रक्रिया चल रही

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रायपुर। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल अंबेडकर अस्पताल में 161 में से 50 मशीन खराब हो चुकी है और इतना ही नहीं 20 करोड़ की पैट स्कैन मशीन भी बिना उपयोग के खराब हो गई है जिनमें से 11 मशीनों को सुधारा जा चुका है और शेष मशीनों को ठीक करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही 26 नई मशीनें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है इसके लिए 70 करोड़ रुपए दिए गए हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को कांग्रेस सदस्य श्रीमती शेषराज हरबंस के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दिए।
श्रीमती शेषराज हरबंस ने मंत्री से जानना चाहा कि 50 मशीनें खराब पड़ी है, नई मशीनें नहीं खरीदने के क्या कारण हैं? स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बिगड़ी मशीनों में 11 को सुधारा गया है। उन्होंने कहा 26 नई मशीनें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 70 करोड़ रुपए दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि पैट स्कैन मशीन को 20 करोड़ की लागत से खरीदी गई थी। पिछली सरकार ने मशीन चालू करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि मशीन चालू नहीं होने पर खराब हो गई है,चूंकि पाट्र्स विदेश से आते हैं इसलिए किसी भी तरह चालू करने की कोशिश चल रही है।
मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस विधायकों ने कहा कि राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल की हालत अगर यह है, तो दूर-दराज के क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। इस पूरे मामले में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि मध्य भारत का सबसे अच्छा कैंसर संस्थान बन सके इसलिए पैट और गामा एक्सरे मशीन खरीदी गई थी। सरकार बदलने के बाद इसका भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि अनियमितता हुई है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।