कमिश्नर बस्तर सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ली भैरमगढ़- नरहरपुर सहित माकड़ी एवं बकावण्ड ब्लॉक के अधिकारियों की बैठक

1 min read
Share this

00 राजस्व प्रकरणों के निराकरण सहित खाद-बीज की सुलभता और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण एवं उपचार हेतु प्रभावी पहल करने पर बल
जगदलपुर। कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह ने कहा कि वनाधिकार पट्टेधारियों के फौती नामांतरण सुनिश्चित करने हेतु संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करें। इस दिशा में राजस्व एवं वन विभाग द्वारा समन्वित तौर पर मैदानी अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाए। साथ ही कोटवारों के जरिए मुनादी करवाकर ग्रामीणों को अवगत कराया जाए। वहीं पटवारी हल्का और रेंज ऑफिस में सम्बंधित वनाधिकार पट्टेधारकों से आवेदन पत्र प्राप्त कर फौती नामांतरण की कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। वर्षाकाल के दौरान नदी-नाले उफान पर रहने की स्थिति का सतत निगरानी रखने सहित बाढ़ आपदा से बचाव सम्बन्धी त्वरित पहल करें। आम जनता को बाढ़ की स्थिति में नदी-नाले नहीं पार करने हेतु समझाइश दी जाए और इस बारे में मैदानी अमले एवं कोटवारों के माध्यम से जनजागरूकता निर्मित किया जाए। साथ ही प्राकृतिक आपदा पीडि़तों को आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल सहायता प्रदान करें। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भैरमगढ़-नरहरपुर सहित माकड़ी एवं बकावण्ड विकासखण्ड से सम्बंधित एसडीएम, तहसीलदार और अन्य खण्ड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान उक्त निर्देश दिए।
कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा अब तक हुई वर्षा की स्थिति, खरीफ फसल सीजन हेतु खाद-बीज भंडारण स्थिति, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता का संज्ञान लिया और कृषकों की मांग के अनुरूप खाद-बीज सुलभ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों को अनिवार्य रूप से निराकृत किए जाने कहा। वहीं वर्षाकालीन मौसमी बीमारियों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने सहित मौसमी बीमारियों के नियंत्रण एवं उपचार हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी अमले के द्वारा शुद्ध पेयजल का उपयोग, गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करने सहित मलेरिया, बुखार, उल्टी-दस्त से पीडि़त होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ईलाज करवाने इत्यादि स्वास्थ्य शिक्षा ग्रामीणों को प्रदान किया जाए। साथ ही हाट-बाजारों में मुनादी के जरिए जनजागरूकता निर्मित किया जाए। मितानिनों के दवा पेटी में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की सुलभता सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। हाट-बाजार स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए। मौसमी बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित बचाव एवं उपचार सहायता के लिए कॉम्बेट चिकित्सा दलों को सक्रिय रखा जाए और सम्बंधित प्रभावित ईलाके में आवश्यक दवाइयों तथा एम्बुलेंस के साथ तत्काल सहायता उपलब्ध कराया जाए। कमिश्नर ने स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज एवं एंटी वेनम इंजेक्शन की अनिवार्य रूप से उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। वहीं आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड पंजीयन प्रगति का संज्ञान लेकर छूटे हुए लोगों को लक्षित कर प्राथमिकता से पंजीयन किए जाने के निर्देश दिए। इस हेतु सबसे ज्यादा गैप वाले बसाहटों पर पहले ध्यान देने कहा।