पुलवामा व गोरखनाथ मंदिर पर हमले में एफटीएएफ का चौंकाने वाला खुलासा

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नई दिल्ली। फरवरी 2019 में हुए आतंकी हमले और 2022 में गोरखनाथ मंदिर पर हुए हमले पर एफटीएएफ (फायनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) वैश्विक आतंकी वित्तपोषण निगरानी संस्था ने चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। जारी की गई रिपोर्ट की जो जानकारियां सामने आई हैं उसके अनुसार इन दोनों हमलों में ई-कॉमर्स और ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया गया।

एफटीएएफ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलवामा हमले में इस्तेमाल किए गए एलईडी (विस्फोटक उपकरण) का एक प्रमुख घटक एल्यूमीनियम पाउडर था, जिसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजान से खरीदा गया था। इस सामग्री का उपयोग विस्फोट की तीव्रता बढ़ाने के लिए किया गया।इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे।इस हमले का साजिशकर्ता जैश-ए-मोहम्मद है।

एफटीएएफ अपनी रिपोर्ट में जो जानकारी साझा की है  उसके अनुसार 3 अप्रैल 2022 को गोरखनाथ मंदिर (उत्तर प्रदेश) पर हुए हमले में शामिल आतंकी को PayPal के ज़रिए 669,841 रुपये (लगभग $7,685) की फंडिंग की गई। इसके अतिरिक्त, एक अन्य विदेशी स्रोत से 10,323.35 रुपये (लगभग $188) भी भेजे गए थे। आतंकी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN सेवाओं का सहारा लिया । एफटीएएफ ने जारी रिपोर्ट में कहा है कि आतंकी अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटप्लेस का उपयोग केवल सामान खरीदने के लिए नहीं, बल्कि व्यापार आधारित मनी लॉन्ड्रिंग योजनाओं के तहत फंड मूवमेंट के लिए भी कर रहे हैं। रिपोर्ट में ईपीओएम  (ई-कॉमर्स पेमेंट और ऑर्डर मैनेजमेंट) सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है।