April 30, 2026

महापौर और निगम आयुक्त ने किया इंदौर के स्वच्छता नवाचारों का अध्ययन

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00 राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा इंदौर में चार दिवसीय अध्ययन सह भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन
00 देखा इंदौर का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
रायपुर। नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, आयुक्त श्री विश्वदीप, अधीक्षण यंत्री यूके धलेंद्र, जोन स्वास्थ्य अधिकारी आत्मानंद साहू एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट प्रमित चोपड़ा इंदौर में अध्ययन सह भ्रमण कार्यक्रम में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वच्छता की मुहिम को बल देने के उद्देश्य से राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) द्वारा इंदौर नगर निगम में यह दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम से प्राप्त अनुभव से प्रतिभागी छत्तीसगढ़ के शहरों में नवाचार एवं सतत शहरी विकास को नई दिशा दे सकेंगे। प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त एवं संबंधित अधिकारियों के लिए दो चरणों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

महापौर और निगम आयुक्त ने किया इंदौर के स्वच्छता नवाचारों का अध्ययन
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इंदौर में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन का सख्ती से क्रियान्वयन और कठोर जुर्माने की व्यवस्था की तारीफ की। महापौर और निगम आयुक्त ने आईसीटी बेस्ड मॉनिटरिंग और एनजीओ के माध्यम से की जाने वाली इंदौर की घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली देखी। उन्होंने कचरा पृथक्करण के लिए अपनाए जाने वाले स्वच्छता मॉडल के अलावा शिकायत निवारण एप, जीपीएस-ट्रैक्ड कचरा गाड़ी, वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन और जोन आधारित घर-घर कचरा एकत्रण प्रणाली का निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्वच्छता मित्रों और आम नागरिकों से संवाद कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में जनभागीदारी को समझा। इंदौर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) जाकर वहां की कार्यप्रणाली को भी समझा। साथ ही 311 शिकायत निवारण एप का अवलोकन कर रियल-टाइम शिकायत निवारण प्रणाली के बारे में जाना।

महापौर और निगम आयुक्त ने किया इंदौर के स्वच्छता नवाचारों का अध्ययन
उन्होंने ट्रांसफर स्टेशन, आरआरआर (रिड्यूस-रीयूज-रीसाइकल) सेंटर, बायोगैस प्लांट एवं मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) का दौरा कर इंदौर की विकेन्द्रित और कुशल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को समझा। साथ ही इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव से भेंट कर स्वच्छता में जनसहभागिता और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका, ग्रीन बॉन्ड एवं यूज़र चार्जेस जैसे शहरी वित्त के अभिनव मॉडलों पर चर्चा की। वहीं, जीरो वेस्ट वार्ड तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का दौरा किया गया जहां तरल अपशिष्ट के प्रसंस्करण एवं पुन: उपयोग प्रक्रिया को विस्तार से समझा।