बैंक की नौकरी छोड़ पुलिस में आए आकाश बहुत ही काबिल अफसर थे
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00 पत्नी को घटना की जानकारी नहीं दी, मायके से लौट रही हैं
रायपुर। नक्सल विस्फोट में शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की गिनती प्रदेश के होनहार पुलिस अफसरों में होती रही है। उन्हें मानपुर-मोहला में बेहतर पुलिसिंग के लिए विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाले आकाश पहले यूको बैंक के अफसर थे, और फिर बाद में राज्य पुलिस सेवा में आए। घटना की सूचना मिलने के बाद से परिजन स्तब्ध हैं। पत्नी स्नेहा अपने दोनों बच्चों के साथ छुट्टी में पवनी (महाराष्ट्र) मायके गई थी। एएसपी आकाश राव 11 तारीख को रायपुर आने वाले थे। उनकी पुत्री पीहू का जन्मदिन है। वो करीब पखवाड़ेभर पहले रायपुर आए थे, तब उनके पुत्र का जन्मदिन था।
चंगोराभाठा के पास पीएस सिटी कॉलोनी रहवासी कारोबारी गोविंद राव गिरपुंजे के दो बेटों में से बड़े आकाश राव गिरपुंजे अपने परिवार, और दोस्तों के बीच अक्कू के नाम से जाने जाते थे। उनके चाचा बसंत राव गिरपुंजे दो बार कांग्रेस के पार्षद रहे हैं। सुबह करीब 9 बजे के आसपास आकाश के पिता गोविंद राव को पुलिस ने नक्सल विस्फोट में घायल होने की सूचना दी। थोड़ी देर बाद उनके शहीद होने की सूचना आई। इसके बाद से पूरा इलाका शोकाकुल हो गया।
आकाश की पत्नी स्नेहा अपने दोनों बच्चों के साथ महाराष्ट्र के पवनी में अपने मायके में थी। वो भी रायपुर आने वाली थी। मगर उन्हें घटना की जानकारी दिए बिना तुरंत रायपुर बुलाया गया। एएसपी विवेक शुक्ला, आकाश के नजदीकी मित्रों में गिने जाते रहे हैं। वे भी तुरंत घर पहुंच गए,एसएसपी लाल उम्मेद सिंह भी पहुंचे थे।
आकाश रायपुर के दुर्गा कॉलेज से बी. कॉम किया था। कुछ समय उन्होंने कोचिंग क्लॉस में सेवाएं दी। इसके बाद यूको बैंक में प्रोबेजनरी अधिकारी के पद पर चयनित हुए। इसके बाद वर्ष 2013 में वो राज्य पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए। आकाश ने मानपुर-मोहला, पाटन, महासमुंद और रायपुर में बतौर डीएसपी व एएसपी के पद पर सेवाएं दी। पिछले डेढ़ साल से कोंटा में बतौर एएसपी के पद पर पदस्थ थे।
