सैन्सेविरिया, एलोविरा, एरेका पाम, तुलसी के पौधे 24 घंटे देते हैं ऑक्सीजन
1 min read
Share this
*एक दिन धूप दिखाए और छह दिन घर के अंदर रखें इन पौधों को*
*महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने आयोजित की ज्ञानवर्धक संगोष्ठी*
रायपुर। आप अपने घर की बाल्कनी और टेरिस के साथ बेडरूम में सैन्सेविरिया, एलोविरा, एरेका पाम और मनी प्लांट का पौधा लगा सकते हैं, जो हमें 24 घंटे ऑक्सीजन प्रदान करता है। घर पर तुलसी का पौधा हमारी संस्कृति है। यह तुलसी भी हमें ऑक्सीजन प्रदान करती है। विश्व पर्यावरण दिवस पर उक्ताशय के विचार हॉर्टिकल्चरिस्ट, पर्यावरणविद व इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विजय जैन ने महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति की संगोष्ठी में व्यक्त किए।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. जैन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की बात आती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले पॉलीथिन का ध्यान आता है। लेकिन इससे ज्यादा खतरा हमारी बदलती लाइफ स्टाइल से है। आज हमें घर पर एसी चाहिए, बाहर निकलने पर कार में एसी, आफिस पहुंचने पर एसी। अब एसी चलाने के लिए हमें बिजली चाहिए। बिजली बनाने के लिए हमें ईंधन इन पेड़ों से ही मिलता है। हम बिजली का उपयोग कम करेंगे तो पर्यावरण को बचाने में काफी मदद कर सकते हैं। यह काम पेड़ लगाने और उसके संरक्षण के बराबर जरूरी है। उन्होंने पौधों की देखभाल को लेकर प्रबुद्ध जनों के सवालों के जवाब भी दिए।
संगोष्ठी में विशेष वक्ता इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर के पूर्व प्राध्यापक और महाराष्ट्र मंडल रायपुर के आजीवन सभासद डॉ. जेएस उरकुरकर ने कहा कि हमें 20 प्रतिशत ऑक्सीजन पेड़ों और 80 फीसदी समुद्र से मिलता है। समुद्र में पाए जाने वाली काई से हमें ऑक्सीजन मिलता है। अब हम प्लास्टिक वेस्ट को नदियों के माध्यम से समुद्र तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे में हमें इन्हें रोकना होगा। कोरोना काल में हमने ऑक्सीजन की अहमियत को जाना। बहुत से लोगों ने इससे सबक भी लिया और घर के अंदर ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे लगाने शुरू किए। घर पर हम सैन्सेविरिया, एलोविरा, एरेका पाम के साथ मनी प्लांट, लिली और जरबेरा के पौधे भी लगा सकते हैं। जरबेरा के फूल भी ऑक्सीजन रिलीज करते हैं।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि मंडल की पर्यावरण समिति पिछले कई सालों से पौधारोपण की दिशा में बेहतर काम कर रही है। समिति ने विश्व पर्यावरण दिवस पर जीईसी कैंपस में पौधे लगाए। कोरोना काल में हमने लोगों को ऑक्सीजन के लिए जूझते देखा। तब महाराष्ट्र मंडल अपने सेवाभावी होने का प्रमाण देते हुए लोगों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन उपलब्ध कराई, लेकिन मशीन से इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सकता है। पर्यावरण को बचाने के लिए हमें पेड़ों की रक्षा करने के साथ वृहद स्तर पर पौधारोपण करना ही होगा। कार्यक्रम का संचालन मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल और आभार प्रदर्शन पर्यावरण समिति के प्रमुख वैभव बर्वे ने किया।
